परिचय
हिंद केसरी सेना का गठन बाल गंगाधर तिलक ने किया था जो एक प्रमुख भारतीय राष्ट्रवादी और समाज सुधारक थे। संगठन का गठन १८९९ में पुणे, महाराष्ट्र में भारतीय राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने और ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का विरोध करने के उद्देश्य से किया गया था।
हिंद केसरी सेना अपने उग्र दृष्टिकोण के लिए जानी जाती है विरोध, प्रदर्शन और यहाँ तक कि सशस्त्र विद्रोह सहित कई ब्रिटिश विरोधी गतिविधियों में सेना शामिल थी। यह संगठन सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी शामिल है, जैसे कि भारतीय भाषाओं, साहित्य और कलाओं को बढ़ावा देना।
छत्रपति शिवाजी महाराज के सुशासन, उनकी नीतियों और राष्ट्रवादी विचारधारा में अटूट विश्वास रखने वाले बाल गंगाधर तिलक ने शिवाजी महाराज से प्रेरित होकर संगठन को उन्हीं की तरह ही संचालित किया तथा अपने अंतिम समय तक संगठन को जीवित रखने का हर संभव प्रयास किया। ब्रिटिश शासन के दौरान संगठन को प्रतिबंधित कर दिया गया था।
महाराष्ट्र में जन्मे और पश्चिम कच्छ गुजरात से संबंध रखने वाले भाईश्री जतीन गोरी के द्वारा वर्ष २००७ में हिन्द केसरी सेना को पुनर्जीवित किया गया, हिन्द केसरी सेना संगठन की स्थापना की गई तथा संगठन में जरूरी एवं महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए. छत्रपति शिवाजी महाराज में अटूट आस्था और विश्वास रखने वाले और छत्रपति के स्वराज्य का सपना पूरा करने की जिद के साथ भाईश्री जतीन गोरी ने संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है तथा इस महान परंपरा को वे बड़ी कुशलता और जुनून के साथ आगे ले जा रहे है।
हिन्द केसरी सेना संगठन का निर्माण सनातन समाज को समरसता के माध्यम से संगठित करने के लिए, समाज को सशक्त बनाने और समाज को भयमुक्त बनाने के लिए किया गया है। संगठन के मुख्य उद्देश्यों के अनुसार भारत के हर एक कोने तक यात्रा कर संगठन की ग्राम, शहर, नगर, तहसील, जिला और राज्य की समितियों का गठन करना, समरसता द्वारा समाज को मुख्य धारा में लाना, समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करना और सनातनी भाइयों और बहनों को सशक्त बनाना है.
हिन्द केसरी सेना संगठन के माध्यम से गौ सेवा की दिशा मे तथा गौ माता को कतलखाने में जाने से बचाने के लिए महत्वपूर्ण और जरूरी निर्णय लिये जायेंगे तथा गौचर भूमि कब्जा मुक्त करवाई जाएगी और इस दिशा में अविरत कार्य किए जाएंगे। संस्था के माध्यम से संपूर्ण भारतवर्ष में श्री हनुमान चालीसा केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक गांव, शहर, तहसील, जिले और राज्यों में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपकर सनातन समाज को अधिक से अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।
हिन्द केसरी सेना संगठन के माध्यम से सनातन समाज के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की व्यवस्थाए खड़ी की जायेगी। पीड़ितों की सुरक्षा के लिए सिस्टम और राज्य सरकारों के साथ समन्वय बनाकर पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय एवं निरंतर कार्य किए जाएंगे। अतीत में विदेशी आक्रमण के कारण धर्म परिवर्तन करने वाले सनातनी भाइयों और बहनों की घर वापसी का मार्ग आसान और सुखमय हो ऐसी व्यवस्थाओं का निर्माण किया जाएगा.